नई दिल्ली। 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी अब दिल्ली में बैठकर राज्यों की राजनीति पर नजर रखने के बजाय अपने वरिष्ठ नेताओं को सीधे राज्यों में सक्रिय करने की तैयारी में है। संगठन महासचिव और प्रभारी सचिवों को हर महीने करीब 15 से 20 दिन संबंधित राज्यों में बिताने का निर्देश दिए जाने की योजना है।
पार्टी की रणनीति का फोकस केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय पूरे कार्यकाल में संगठन को मजबूत करने पर है। राज्य दौरों के दौरान प्रभारी नेताओं को जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों से संवाद, संगठन की कमियों की पहचान और स्थानीय राजनीतिक मुद्दों की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही कार्यकर्ताओं की शिकायतों और सुझावों को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि 2029 की चुनावी लड़ाई के लिए बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क जरूरी है। इसलिए राज्यों में संगठनात्मक ढांचे की नियमित समीक्षा, निष्क्रिय पदाधिकारियों की पहचान और जरूरत के मुताबिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है।
यह कवायद कांग्रेस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी कई राज्यों में संगठनात्मक कमजोरी और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से दूरी की चुनौती से जूझती रही है। अब नेतृत्व की कोशिश है कि दिल्ली-केंद्रित राजनीति से बाहर निकलकर राज्यों में लगातार मौजूदगी बनाई जाए और 2029 से काफी पहले चुनावी मशीनरी को सक्रिय कर दिया जाए।

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