नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का कमांडर्स सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण आज से शुरू होगा। सम्मेलन में नौसेना के वरिष्ठ कमांडर देश की समुद्री सुरक्षा, संचालन क्षमता और भविष्य की रणनीतिक तैयारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और भारत के लिए समुद्री सुरक्षा का महत्व भी बढ़ा है। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों, समुद्री निगरानी, परिचालन तैयारियों और भविष्य की चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान नौसेना की मौजूदा परिचालन क्षमता की समीक्षा के साथ-साथ आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। युद्धपोतों, पनडुब्बियों, समुद्री विमानों और मानवरहित प्रणालियों जैसी क्षमताओं के विकास को नौसेना की दीर्घकालिक तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
बैठक में बदलते समुद्री सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप नौसेना की भूमिका और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी चर्चा होगी। समुद्री क्षेत्र में निगरानी और सूचना साझा करने की क्षमता मजबूत करना भी सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगा।
कमांडर्स सम्मेलन नौसेना के शीर्ष स्तर पर नीति और परिचालन प्राथमिकताओं की समीक्षा का प्रमुख मंच है। यहां लिए गए फैसलों का असर आने वाले समय में नौसेना की संचालन व्यवस्था, प्रशिक्षण, आधुनिकीकरण और समुद्री सुरक्षा तैयारियों पर पड़ सकता है।
सम्मेलन का उद्देश्य बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच भारतीय नौसेना को अधिक सक्षम, आधुनिक और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रखना है।

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