कानपुर। सफलता की राह हमेशा सीधी नहीं होती। कानपुर के रहने वाले मयंक की कहानी इसका उदाहरण है। 15 से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने और दो बार SSB में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार प्रयास करते रहे और आखिरकार UPSC CAPF 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 343 हासिल कर अपने लक्ष्य तक पहुंचे।
मयंक ने भारतीय नौसेना में करीब 15 साल नौकरी की। नौकरी के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। कई परीक्षाओं में असफलता मिली, लेकिन हर नाकामी के बाद उन्होंने अपनी रणनीति पर दोबारा काम किया। खास तौर पर SSB में दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने तैयारी बंद नहीं की।
उनकी यात्रा में सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने असफलताओं को अपनी कमजोरी मानने के बजाय उनसे सीखने की कोशिश की। लंबे सेवाकाल के दौरान मिले अनुशासन और अनुभव को उन्होंने परीक्षा की तैयारी में इस्तेमाल किया।
UPSC CAPF 2025 में AIR 343 हासिल करना उनके लिए सिर्फ एक परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और लगातार असफलताओं के बाद मिली उपलब्धि है। मयंक की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए संदेश देती है जो बार-बार असफल होने के बाद तैयारी छोड़ने का विचार करते हैं—एक परीक्षा का परिणाम आपकी पूरी क्षमता तय नहीं करता।

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