सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार अधिवक्ताओं की नियुक्ति को दी मंजूरी; कर्नाटक हाईकोर्ट ने KPSC अध्यक्ष का निलंबन आदेश रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उड़ीसा हाईकोर्ट में चार अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में 18 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में सस्मिता त्रिपाठी, आदित्य नारायण दास, रंजीत रॉय और गौतम मिश्रा के नामों को मंजूरी मिली। अब नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर भी कॉलेजियम का यह निर्णय दर्ज किया गया है।
कॉलेजियम ने इसी बैठक में गुवाहाटी हाईकोर्ट के लिए भी एक अधिवक्ता और एक न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति को मंजूरी दी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश बनाए जाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
उधर कर्नाटक से न्यायिक और प्रशासनिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण खबर आई है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार के निलंबन को रद्द कर दिया है। राज्यपाल ने जुलाई में उन्हें निलंबित किया था। अदालत के फैसले के बाद उन्हें पद पर राहत मिली है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बीच आयोग की कार्यप्रणाली भी चर्चा में है।
एक तरफ उड़ीसा हाईकोर्ट में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से न्यायिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा है, वहीं कर्नाटक में अदालत के फैसले ने लोक सेवा आयोग के शीर्ष पद से जुड़े विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
दो राज्यों में न्यायपालिका से जुड़े ये फैसले नियुक्तियों से लेकर प्रशासनिक जवाबदेही तक कई सवालों को फिर चर्चा में ले आए हैं।

Post a Comment