मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) एक बार फिर परीक्षा कार्यक्रम बदलने को लेकर सवालों के घेरे में है। जनवरी 2026 से अब तक चार भर्ती परीक्षाओं की तिथियां बदली जा चुकी हैं। ताजा मामला वरिष्ठ विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा का है, जिसे 5 अगस्त से बढ़ाकर 17 सितंबर कर दिया गया। बोर्ड ने कारण "अपरिहार्य" बताया, लेकिन यह नहीं बताया कि आखिर ऐसी नौबत बार-बार क्यों आ रही है।
लगातार बदलते परीक्षा कैलेंडर ने लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी, आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन पर असर डाला है। कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों के लिए पहले से टिकट, होटल और अवकाश की व्यवस्था कर चुके थे। तिथि बदलते ही उनकी पूरी योजना ध्वस्त हो गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ESB पहले से परीक्षा कैलेंडर जारी करता है, तो बार-बार बदलाव क्यों? क्या परीक्षा प्रबंधन में समन्वय की कमी है, या फिर भर्ती प्रक्रिया बिना पर्याप्त तैयारी के घोषित की जा रही है?
जनवरी से अब तक बदली प्रमुख परीक्षाएं
समूह-2 उपसमूह-3 भर्ती परीक्षा की तारीख दो बार बदली।
क्षेत्र रक्षक एवं जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा स्थगित हुई।
संयुक्त भर्ती परीक्षा की तिथि बदली गई।
अब वरिष्ठ विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा भी 5 अगस्त से 17 सितंबर कर दी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा कैलेंडर की विश्वसनीयता खत्म होने से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर पड़ता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में समय प्रबंधन सबसे अहम होता है और लगातार बदलाव से तैयारी की रणनीति भी बिगड़ जाती है।
प्रदेश में हजारों पद वर्षों से रिक्त हैं। भर्ती में देरी और परीक्षा तिथियों में लगातार बदलाव न केवल प्रशासनिक अक्षमता का संकेत है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ भी अन्याय है। अब जरूरत इस बात की है कि ESB स्पष्ट जवाब दे—क्या आगे घोषित तिथियां अंतिम होंगी, या अभ्यर्थियों को फिर नए कैलेंडर का इंतजार करना पड़ेगा?

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