दुनिया भर में करोड़ों लोग अपने दिन की शुरुआत कॉफी से करते हैं। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से फ़िल्टर कॉफी पीने वाले लोगों में जैविक उम्र (Biological Age) अपेक्षाकृत धीमी गति से बढ़ने के संकेत मिले, हालांकि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि इससे यह साबित नहीं होता कि कॉफी सीधे तौर पर उम्र बढ़ा देती है।
स्टडी में क्या पाया गया?
शोध में लगभग 49,000 से अधिक लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
फ़िल्टर कॉफी पीने वालों में उम्र बढ़ने से जुड़े जैविक संकेतक बेहतर पाए गए।
वहीं, इंस्टेंट कॉफी का अधिक सेवन अपेक्षाकृत तेज जैविक उम्र बढ़ने के संकेतों से जुड़ा मिला।
क्या इसका मतलब कॉफी उम्र बढ़ा देती है?
नहीं। यह एक पर्यवेक्षणात्मक (Observational) अध्ययन है। यानी इसमें केवल कॉफी पीने और बेहतर स्वास्थ्य संकेतकों के बीच संबंध देखा गया है। इससे यह साबित नहीं होता कि लंबी उम्र का कारण केवल कॉफी ही है। भोजन, व्यायाम, नींद, धूम्रपान और जीवनशैली जैसे कई अन्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कितनी कॉफी पीना उचित माना जाता है?
कई पूर्व अध्ययनों में दिन में 3–4 कप तक कॉफी का सेवन अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए लाभकारी या सुरक्षित पाया गया है। हालांकि इससे अधिक मात्रा में कैफीन लेने से अनिद्रा, घबराहट, धड़कन तेज होना और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
गर्भवती महिलाएं
अनियंत्रित उच्च रक्तचाप वाले मरीज
हृदय की कुछ बीमारियों से पीड़ित लोग
कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्ति
ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कॉफी का सेवन करना चाहिए।
निष्कर्ष
नई स्टडी से यह संकेत मिलता है कि संतुलित मात्रा में, विशेषकर फ़िल्टर कॉफी का सेवन, स्वस्थ उम्र बढ़ने से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इसे लंबी उम्र का पक्का उपाय नहीं माना जा सकता। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नशे से दूरी जैसी स्वस्थ आदतें ही लंबे और स्वस्थ जीवन की सबसे मजबूत नींव हैं।

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