Top News

बहुला चौथ के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, गणपति बप्पा पूरी करेंगे हर मुराद!

बहुला चौथ व्रत भाद्रपद माह में आने वाला एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश, भगवान श्रीकृष्ण और गौमाता की पूजा का विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में यह व्रत 31 अगस्त को मनाया जा रहा है। विशेष रूप से महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की मंगलकामना के लिए यह व्रत रखती हैं।



क्या है बहुला चौथ की व्रत कथा?


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार बहुला नाम की एक गौमाता जंगल में चरने गई थीं। उसी दौरान उनका सामना एक सिंह से हो गया। सिंह ने उन्हें अपना भोजन बनाने की बात कही। बहुला गौमाता ने सिंह से प्रार्थना की कि वह पहले अपने बछड़े को दूध पिलाकर वापस लौट आएंगी।


सिंह ने उनकी बात मान ली। बहुला अपने बछड़े के पास पहुंचीं, उसे दूध पिलाया और अपना वचन निभाने के लिए वापस सिंह के पास पहुंच गईं। गौमाता की सत्यनिष्ठा और अपने वचन के प्रति समर्पण देखकर सिंह भी प्रभावित हो गया और उसने बहुला को जीवनदान दे दिया।


कैसे करें पूजा?


इस दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लिया जाता है। भगवान गणेश और श्रीकृष्ण की पूजा के साथ गौमाता का पूजन किया जाता है। श्रद्धा के अनुसार फूल, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। कई स्थानों पर शाम के समय चंद्र दर्शन और स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा करने की भी मान्यता है।


धार्मिक विश्वास है कि सच्चे मन से बहुला चौथ का व्रत और पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। हालांकि, पूजा की विधि और समय अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post