दतिया हार के बाद दिल्ली में बंद कमरे का मंथन, क्या एमपी में बड़ा बदलाव?

प्रणव बजाज


हेमंत खंडेलवाल की नितिन नबीन से आधे घंटे मुलाकात; संगठन की रिपोर्ट पर चर्चा, मोहन यादव के भविष्य को लेकर सियासी अटकलें तेज



भोपाल। दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मध्यप्रदेश भाजपा में चल रहा मंथन अब दिल्ली पहुंच गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक मुलाकात की। माना जा रहा है कि बैठक में दतिया हार के कारणों, संगठन की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी की दो सदस्यीय समिति पहले ही हार के कारणों की पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार कर चुकी है।


इस मुलाकात को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और अन्य वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातें हो चुकी हैं।


क्या मोहन यादव जाएंगे?


फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन यादव को हटाने या नेतृत्व परिवर्तन का कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। उलटे, मुख्यमंत्री लगातार कैबिनेट बैठकों और सरकारी फैसलों में सक्रिय हैं। हाल की कैबिनेट बैठक में उनकी अध्यक्षता में करीब 47,990 करोड़ रुपये से जुड़े फैसले हुए।


लेकिन भाजपा में सरकार के साथ संगठन के प्रदर्शन की समीक्षा पहले से चल रही है। जुलाई में हेमंत खंडेलवाल ने स्वयं कहा था कि मंत्रियों के कामकाज का फीडबैक केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच चुका है।


इसलिए फिलहाल सबसे बड़ा संकेत मुख्यमंत्री बदलने का नहीं, बल्कि संगठन में कसावट और जिम्मेदारियों में बदलाव का है। अगर दिल्ली की समीक्षा में दतिया हार की जिम्मेदारी तय होती है, तो प्रदेश भाजपा में कुछ बड़े चेहरे और भूमिकाएं जरूर बदल सकती हैं। मोहन यादव के भविष्य पर फैसला इससे आगे की राजनीतिक समीक्षा पर निर्भर करेगा।

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