रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब मामले में प्रवर्तन निदेशालय की भी एंट्री हो गई है। ईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आर्थिक लेन-देन की भी होगी पड़ताल
ईसीआईआर दर्ज होने के बाद जांच का महत्वपूर्ण पहलू कथित धांधली से जुड़े पैसों के लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल होगा। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि परीक्षा में गड़बड़ी के पीछे वास्तव में आर्थिक अपराध हुआ है। ईडी की जांच के बाद ही धन के स्रोत और संभावित लाभार्थियों की तस्वीर स्पष्ट होगी।
16 दिन से आंदोलन कर रहे छात्र
झारखंड में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 16 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और छात्रों के बीच रविवार को करीब छह घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
आज विधानसभा घेराव की तैयारी
बातचीत विफल रहने के बाद प्रदर्शनकारी छात्र आज झारखंड विधानसभा के घेराव के लिए आगे बढ़े हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता शामिल है।
सरकार के सामने दोहरी चुनौती
एक तरफ छात्र सड़क पर आंदोलन तेज कर रहे हैं, दूसरी तरफ ईडी की जांच शुरू होने से परीक्षा विवाद का वित्तीय पहलू भी जांच के घेरे में आ गया है। सरकार ने पहले ही मामले में ईडी जांच की सिफारिश और त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालत की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की थी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या परीक्षा में कथित गड़बड़ी केवल प्रशासनिक लापरवाही थी या इसके पीछे संगठित आर्थिक नेटवर्क भी काम कर रहा था? ईडी की जांच और छात्रों के आंदोलन के बीच इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।

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