नई दिल्ली। खाने में नमक स्वाद बढ़ाता है, लेकिन इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाए तो नुकसान भी बढ़ सकता है। अधिक सोडियम का सेवन लंबे समय में उच्च रक्तचाप का जोखिम बढ़ाने के साथ शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर असर डाल सकता है। खासकर पहले से उच्च रक्तचाप, हृदय या किडनी की समस्या वाले लोगों को नमक की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
किडनी पर असर: शरीर में सोडियम बढ़ने पर किडनी को अतिरिक्त सोडियम और पानी बाहर निकालने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक अधिक नमक का सेवन रक्तचाप बढ़ाकर किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले जोखिमों में योगदान कर सकता है।
हृदय पर दबाव: ज्यादा सोडियम शरीर में पानी रोक सकता है, जिससे रक्त की मात्रा बढ़ सकती है और रक्तचाप पर असर पड़ता है। लंबे समय तक अनियंत्रित उच्च रक्तचाप हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता है।
मस्तिष्क भी प्रभावित हो सकता है: लगातार बढ़ा हुआ रक्तचाप मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है।
हड्डियों पर भी असर की चर्चा होती है: अधिक सोडियम के सेवन से पेशाब के रास्ते कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ सकता है। हालांकि, हड्डियों की सेहत पर इसका वास्तविक प्रभाव व्यक्ति के कुल आहार और अन्य कारकों पर निर्भर करता है।
इसलिए खाने में ऊपर से नमक डालने की आदत के साथ-साथ अचार, पापड़, नमकीन, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ और सॉस जैसे छिपे हुए नमक के स्रोतों पर भी ध्यान दें। नमक पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं, लेकिन उसकी मात्रा नियंत्रित रखना सेहत के लिए बेहतर है।

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