नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच और आयोजन स्थल के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री वास्तव में देश के संविधान का सम्मान करते हैं तो उत्तराखंड में इस कथित घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि खरगे की रैली के बाद भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों ने मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया, जिसे पार्टी ने दलित नेता के अपमान और छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर गंभीर मुद्दा बना दिया है।
इससे पहले राहुल गांधी भी इसी मुद्दे पर एफआईआर की मांग कर चुके हैं और इसे छुआछूत का रूप बताया था। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इस पूरे विवाद को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। अब सवाल यह है कि ‘शुद्धिकरण’ की यह लड़ाई केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप रहेगी या कानून तक पहुंचेगी?

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