कभी पीरियड्स समय से पहले आना और कभी कई दिनों तक नहीं आना—अगर यह बार-बार हो रहा है तो इसे केवल सामान्य देरी मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं। मासिक धर्म में बदलाव के पीछे जीवनशैली से लेकर हार्मोन से जुड़ी कई वजहें हो सकती हैं।
तनाव, नींद की कमी, अचानक वजन बढ़ना या कम होना, बहुत अधिक व्यायाम और खान-पान में बदलाव पीरियड्स के चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) जैसी हार्मोन संबंधी समस्या भी अनियमित पीरियड्स का कारण बन सकती है। थायरॉयड में गड़बड़ी, प्रोलैक्टिन हार्मोन का बढ़ना और कुछ दवाओं का असर भी मासिक चक्र को प्रभावित कर सकता है।
गर्भावस्था की संभावना होने पर पीरियड्स में देरी का यह एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। वहीं, किशोरावस्था और रजोनिवृत्ति के आसपास हार्मोनल बदलावों के कारण भी चक्र अनियमित हो सकता है।
अगर पीरियड्स लगातार अनियमित हो रहे हैं, कई महीनों तक नहीं आते, बहुत ज्यादा रक्तस्राव होता है, अत्यधिक दर्द रहता है या साथ में वजन और शरीर में अन्य बदलाव दिखाई दे रहे हैं, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
हर अनियमित पीरियड बीमारी नहीं होता, लेकिन बार-बार होने वाला बदलाव शरीर का संकेत जरूर हो सकता है।

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