छह हफ्ते के अध्ययन में टमाटर खाने वालों के लिवर फैट में ज्यादा कमी, वैज्ञानिकों ने कहा—नतीजे उत्साहजनक लेकिन और शोध जरूरी
नई दिल्ली। रोजाना टमाटर खाना लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। 2026 में प्रकाशित एक नए यादृच्छिक चिकित्सकीय अध्ययन में पाया गया कि मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (एमएएसएलडी) से जूझ रहे लोगों में रोजाना टमाटर और टमाटर की चटनी का सेवन लिवर में जमा वसा को कम करने में मदद कर सकता है।
इटली में हुए अध्ययन में 79 लोगों को शामिल किया गया। एक समूह ने छह सप्ताह तक रोजाना करीब 200 ग्राम कच्चा टमाटर और 50 ग्राम टमाटर की चटनी खाई, जबकि दूसरे समूह ने टमाटर से परहेज किया। जांच में टमाटर खाने वाले समूह के लिवर फैट के माप में अधिक कमी पाई गई। खास बात यह रही कि यह बदलाव वजन या शरीर में वसा कम होने के कारण नहीं था।
शोधकर्ताओं का ध्यान टमाटर में मौजूद लाइकोपीन पर है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और माना जाता है कि यह शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव तथा लिवर में वसा जमा होने से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं पर असर डाल सकता है। 2026 की एक अन्य चिकित्सकीय जांच में लाइकोपीन से भरपूर विशेष टमाटर की चटनी लेने वाले लोगों में भी लिवर फैट में नियंत्रण समूह की तुलना में अधिक कमी मिली।
हालांकि विशेषज्ञों के लिए यह अभी संभावनाओं का संकेत है, इलाज का विकल्प नहीं। पहला अध्ययन छोटा और केवल छह सप्ताह का था। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सिर्फ रोजाना टमाटर खाने से फैटी लिवर ठीक हो जाएगा।
निष्कर्ष: टमाटर संतुलित आहार का हिस्सा बनकर लिवर स्वास्थ्य में मदद कर सकता है, लेकिन फैटी लिवर वाले व्यक्ति को वजन, व्यायाम और पूरे आहार पर ध्यान देना चाहिए।

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