नई दिल्ली। अच्छी सेहत और मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र के लिए भोजन और व्यायाम जितने जरूरी हैं, उतनी ही महत्वपूर्ण पर्याप्त नींद भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश वयस्कों को नियमित रूप से 7 से 9 घंटे की नींद लेने का लक्ष्य रखना चाहिए। लगातार कम सोने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रभावित हो सकती है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता कमजोर पड़ सकती है।
नींद के दौरान शरीर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पूरा करता है। प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़े कुछ रसायनों और प्रोटीन का निर्माण तथा उनका नियमन इसी दौरान होता है। यही कारण है कि लंबे समय तक नींद पूरी न होने पर थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी के साथ बीमार पड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है।
बच्चों और किशोरों को वयस्कों की तुलना में अधिक नींद की जरूरत होती है। वहीं बुजुर्गों में नींद का समय कुछ कम हो सकता है, लेकिन नियमित और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद फिर भी जरूरी है।
सिर्फ बिस्तर पर ज्यादा समय बिताना पर्याप्त नहीं है। नींद की गुणवत्ता और नियमितता भी मायने रखती है। रोज लगभग एक ही समय पर सोना-जागना, सोने से पहले मोबाइल और अन्य चमकदार स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना तथा देर रात भारी भोजन और कैफीन से बचना मददगार हो सकता है।
अगर पर्याप्त समय सोने के बावजूद लगातार थकान रहती है, बार-बार नींद खुलती है या तेज खर्राटे और सांस रुकने जैसी समस्या होती है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

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