लेकिन इतिहास का मूल्यांकन केवल एक अदालत के फैसले से नहीं होता।


मनमोहन सिंह के दस वर्ष के प्रधानमंत्रित्व काल में आर्थिक विकास, परमाणु समझौता, सामाजिक योजनाओं और आर्थिक नीतियों के साथ-साथ 2जी, कोयला आवंटन और अन्य विवाद भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहे

अब तालाबीरा-II मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके कानूनी रिकॉर्ड में एक महत्वपूर्ण अध्याय जरूर जोड़ता है



निष्कर्ष

कोयला आवंटन विवाद ने वर्षों तक भारतीय राजनीति को प्रभावित किया। लेकिन तालाबीरा-II मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी है।


इसलिए इस खबर का सबसे सटीक निष्कर्ष यही है—


जिस मामले में वर्षों तक आरोप और राजनीतिक सवाल उठते रहे, उसमें अदालत ने अंततः मनमोहन सिंह के खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी।

यह फैसला एक बार फिर याद दिलाता है कि राजनीतिक आरोपों का अंतिम परीक्षण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों से ही होता है।

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