नई दिल्ली। रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली हींग की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। एफएसएसएआई ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोदू एंड कंपनी (एलजी ब्रांड) की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई बाजार निगरानी और कानूनी नमूनों की प्रयोगशाला जांच में उत्पादों के तय मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद की गई।
एवरेस्ट की हींग में कम मिला अल्कोहल-घुलनशील अर्क
एफएसएसएआई के मुताबिक एवरेस्ट की कंपाउंडेड हींग के नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले। नियमों के तहत कंपाउंडेड हींग में अल्कोहल-घुलनशील अर्क कम से कम 5 प्रतिशत होना चाहिए, जबकि जांच में कुछ नमूनों में यह मात्रा 0 से 3 प्रतिशत के बीच मिली। पीली और काली हींग के नमूनों में भी यह मानक से कम पाई गई।
एलजी की छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा ज्यादा
लालजी गोदू की मुंबई इकाई से कच्ची हींग की छह किस्मों के नमूने लिए गए। एफएसएसएआई के अनुसार इनमें स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक मिली, जबकि निर्धारित अधिकतम सीमा 1 प्रतिशत है। तैयार कंपाउंडेड हींग के नमूने भी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
कंपनियों को सुधार योजना देने के निर्देश
एफएसएसएआई ने दोनों कंपनियों को कमियों को दूर करने के लिए विस्तृत सुधार कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही बाजार में मौजूद मानक से बाहर उत्पादों को स्वैच्छिक रूप से वापस लेने की सलाह दी गई है। प्राधिकरण ने कहा है कि कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मसालों और रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता लगातार बढ़ रही है। एफएसएसएआई की जांच ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि बाजार में पहुंचने से पहले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच कितनी प्रभावी है।

Post a Comment