मुंबई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किए जाने को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि किसी राजनीतिक नेता के कार्यक्रम के बाद इस तरह का ‘शुद्धिकरण’ करना संविधान की मूल भावना का अपमान है। उन्होंने मांग की कि ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। आव्हाड ने कहा कि मामला सिर्फ मल्लिकार्जुन खरगे तक सीमित नहीं होना चाहिए। यदि किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को उसकी जाति, विचारधारा या राजनीतिक पहचान के आधार पर इस तरह निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस मुद्दे ने एक बार फिर महाराष्ट्र में राजनीतिक टकराव को तेज कर दिया है। विपक्षी दल इसे सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ खेमे की ओर से घटना को लेकर अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाता है या फिर यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रह जाएगा।

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