इंदौर। में अब वन्यजीवों को देखने के साथ जंगल में होने जैसा अनुभव भी मिलेगा। प्रदेश में पहली बार शुरू हुए 14-डी वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर में दर्शक केवल पर्दे पर दृश्य नहीं देखेंगे, बल्कि उन्हें हवा, पानी की फुहार, कोहरा, कंपन और सीटों की हलचल भी महसूस होगी।
करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में 14 तरह के विशेष प्रभाव शामिल किए गए हैं। पर्दे पर बारिश शुरू होते ही पानी की बूंदों का एहसास होगा और तेज हवा के दृश्य में चेहरे पर हवा के झोंके महसूस होंगे। पहाड़ पर वाहन चढ़ता या नीचे उतरता दिखाई देगा तो सीट भी उसी दिशा में ऊपर-नीचे होगी।
थिएटर में करीब 20 मिनट का अनुभव दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में जंगल और रोमांचक सफारी दिखाई जाएगी, जबकि दूसरे हिस्से में प्राचीन जीव-जगत का अनुभव कराया जाएगा। इसके साथ ग्लो गार्डन, भूल-भुलैया, तीन आयामी वन्यजीव अनुभव और गुंबदनुमा प्रदर्शन भी आकर्षण का हिस्सा हैं।
प्रबंधन के अनुसार सीटों में सुरक्षा पट्टियां और पकड़ की व्यवस्था की गई है। शुरुआत में टिकट 70 रुपये रखा गया है और रोजाना कई शो चलाने की योजना है।
यानी इंदौर जू की सैर अब सिर्फ पिंजरों और वन्यजीवों तक सीमित नहीं रहेगी—**जंगल पर्दे से निकलकर दर्शकों की सीट तक पहुंचने वाला है।**

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