निवा बूपा पर आईआरडीएआई का एक्शन, छह महीने तक नए कारोबार केंद्र खोलने पर रोक


निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनी निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस पर बीमा नियामक आईआरडीएआई ने बड़ी कार्रवाई की है। नियामक ने कंपनी को छह महीने तक कोई नया कारोबार केंद्र या कार्यालय खोलने से रोक दिया है। यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2024-25 में निर्धारित प्रबंधन खर्च सीमा का पालन नहीं करने के मामले में की गई है।



आईआरडीएआई के अनुसार, बीमा कंपनियों के लिए प्रबंधन खर्च में परिचालन लागत के साथ एजेंटों और वितरकों को दिए जाने वाले कमीशन जैसे खर्च भी शामिल होते हैं। स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के लिए इन खर्चों की निर्धारित सीमा का पालन करना जरूरी है। निवा बूपा के मामले में जांच के बाद पाया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में वास्तविक प्रबंधन खर्च अनुमत सीमा से ₹248.37 करोड़ अधिक था।


नियामक ने कंपनी से इस संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा था। कंपनी ने अपना जवाब आईआरडीएआई के सामने रखा। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को जारी आदेश में कंपनी को नियमों का पालन न करने के लिए चेतावनी दी गई और छह महीने तक नए कारोबार केंद्र नहीं खोलने का निर्देश दिया गया।


निवा बूपा का कहना है कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 में निर्धारित खर्च सीमा का पालन किया है और मौजूदा वित्त वर्ष में भी नियमों के दायरे में रहने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी ने कहा है कि वह आदेश का मूल्यांकन कर रही है और हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।


यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बीमा क्षेत्र में खर्चों की सीमा सीधे कंपनियों की लागत संरचना और कारोबार विस्तार से जुड़ी होती है। अब देखना होगा कि निवा बूपा इस नियामकीय पाबंदी के बाद अपनी खर्च व्यवस्था और विस्तार रणनीति में क्या बदलाव करती है।

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