जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान
महाराष्ट्र सरकार ने जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रस्तावित कानून में किसी व्यक्ति को दबाव, प्रलोभन, धोखे या जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराने पर कड़ी सजा का प्रावधान रखा जा सकता है।
प्रस्तावित कानून के तहत जबरन धर्म परिवर्तन कराने वालों को 10 साल तक की सजा और आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि कानून का उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत आस्था पर रोक लगाना नहीं, बल्कि धोखे या दबाव के जरिए कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकना है।
कानून के मसौदे में धर्म परिवर्तन से पहले और बाद की प्रक्रिया, शिकायतों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है।
वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच बहस भी तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह कानून कमजोर वर्गों को जबरन धर्म परिवर्तन से बचाने के लिए जरूरी है, जबकि विरोधी पक्ष इसके दुरुपयोग की आशंका जता रहे हैं।
महाराष्ट्र में कानून लागू होने के बाद राज्य उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए विशेष कानून मौजूद हैं।

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