भोपाल। निवेशकों से करीब 8 करोड़ रुपये की राशि हड़पने के आरोप से जुड़े मामले में एजी-8 वेंचर्स के संचालक राजीव सोनी पर कार्रवाई तेज हो गई है। कंपनी की संपत्तियों को कुर्क कर उनकी नीलामी कराने की कोशिश की गई, लेकिन नीलामी में कोई बोलीदाता नहीं पहुंचा। इसके चलते बकाया राशि की वसूली नहीं हो सकी।
कुर्क संपत्ति की नीलामी रही बेनतीजा
प्रशासन की ओर से निवेशकों की रकम की वसूली के उद्देश्य से एजी-8 वेंचर्स से जुड़ी संपत्तियों को कुर्क किया गया था। इसके बाद संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया में कोई खरीदार सामने नहीं आया।
नीलामी विफल होने के बाद अब प्रशासन के सामने निवेशकों की रकम की वसूली बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राजीव सोनी पर बढ़ी कार्रवाई की तलवार
मामले में आरोपी राजीव सोनी के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बकाया राशि की वसूली नहीं होने की स्थिति में उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, किसी व्यक्ति को जेल भेजने का अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर निर्भर करेगा।
निवेशकों के सामने अब भी बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशकों की रकम आखिर कब और कैसे वापस होगी। यदि कुर्क संपत्तियों की नीलामी से वसूली नहीं हो पाती है, तो प्रशासन को वैधानिक प्रक्रिया के तहत अन्य उपलब्ध विकल्पों पर आगे बढ़ना होगा।
कार्रवाई से क्या निकलेगा समाधान?
निवेशकों के हित में केवल संपत्ति कुर्क करना पर्याप्त नहीं है। रकम की वास्तविक वसूली और पीड़ितों को उनका पैसा वापस मिलना ही कार्रवाई की अंतिम कसौटी होगी।
अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन अगली कार्रवाई के तहत क्या कदम उठाता है और निवेशकों की करीब 8 करोड़ रुपये की कथित बकाया राशि की वसूली किस तरह की जाती है।

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