केरल में 31 जुलाई की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और जलभराव की घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं और कई अन्य घायल हुए हैं।
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में इडुक्की, कोट्टायम, पथानामथिट्टा, कन्नूर, वायनाड और कोझिकोड शामिल हैं। कई इलाकों में सड़कें बह गईं, पुल क्षतिग्रस्त हुए और यातायात बाधित हो गया। राज्य सरकार के अनुसार 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि करीब 196 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा की समीक्षा कर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा मोचन बल, पुलिस, अग्निशमन दल और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य चला रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नदियों और बांधों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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