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बाजार से डरकर सिर्फ 5 दिन बाहर रहे तो सालों की कमाई गंवा सकते हैं! निफ्टी के 21 साल का आंकड़ा दे रहा बड़ा सबक

शेयर बाजार में गिरावट देखकर निवेश निकाल लेना आसान लगता है, लेकिन इतिहास बताता है कि यही फैसला लंबे समय में भारी पड़ सकता है। अप्रैल 2005 से मई 2026 तक के 21 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित अबैकस म्यूचुअल फंड के विश्लेषण में सामने आया है कि बाजार के सबसे तेज बढ़त वाले कुछ दिनों से चूकना निवेश के अंतिम रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है।



निफ्टी 50 जैसे प्रमुख सूचकांक में बड़ी तेजी कई बार अचानक आती है। ऐसे में गिरावट के डर से निवेशक अगर बाजार से बाहर हो जाता है और तेजी के कुछ महत्वपूर्ण दिन निकल जाते हैं, तो दोबारा सही समय पर निवेश करना मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि बाजार में लगातार निवेश बनाए रखने की रणनीति को समय का अनुमान लगाकर बार-बार खरीद-बिक्री करने से बेहतर माना जाता है।


हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि शेयर बाजार में हर समय पैसा लगाए रखना या हर गिरावट में आंख बंद करके खरीदारी करना सही है। बाजार में जोखिम बना रहता है और पिछले प्रदर्शन से भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती।


असल चुनौती निवेशक के व्यवहार की है। गिरावट में डरकर बाहर निकलना और तेजी के बाद वापस प्रवेश करना अक्सर रिटर्न को प्रभावित कर सकता है।


बाजार का सबसे बड़ा नुकसान हमेशा गिरावट नहीं होती—कई बार असली नुकसान उन तेजी वाले दिनों में बाजार से बाहर रह जाने से होता है।

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