बदहाल व्यवस्था से परेशान छात्राओं ने उठाया कदम, क्षमता से अधिक छात्राओं को रखने का आरोप
धार। निसरपुर स्थित माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर के छात्रावास में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 40 छात्राएं खिड़की से बाहर निकलकर पैदल कुक्षी थाने की ओर रवाना हो गईं। रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में छात्राओं को सड़क पर पैदल जाते देखकर स्थानीय लोगों में भी हैरानी फैल गई। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों ने उनके साथ चलकर उन्हें थाने तक पहुंचाने में मदद की।
थाने पहुंची छात्राओं ने छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। छात्राओं का आरोप है कि लंबे समय से रहने की व्यवस्था, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशानी बनी हुई है। उनका यह भी आरोप है कि छात्रावास की निर्धारित क्षमता करीब 50 छात्राओं की है, जबकि यहां क्षमता से कहीं अधिक छात्राओं को रखा जा रहा है।
बताया गया है कि छात्रावास में बड़ी संख्या में छात्राएं निवास करती हैं। हालांकि छात्राओं की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। ऐसे में वास्तविक संख्या और छात्रावास की स्वीकृत क्षमता की प्रशासनिक स्तर पर जांच जरूरी है।
छात्राओं के आधी रात छात्रावास से निकलकर थाने पहुंचने की घटना ने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि यदि छात्राएं लंबे समय से व्यवस्थाओं को लेकर परेशान थीं, तो उनकी शिकायतों का समय रहते निराकरण क्यों नहीं हुआ?
मामले में छात्राओं की शिकायत, छात्रावास की क्षमता, भोजन एवं आवासीय व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है।

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