ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तेहरान के सख्त रुख ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। ईरान की ओर से संकेत दिया गया है कि अमेरिका के साथ समझौता होने तक होर्मुज को बंद रखा जा सकता है और एक सलाहकार ने 2029 तक समझौता न होने की बात कही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मामले में फिलहाल दो प्रमुख रास्तों की बात की है—ईरान को आर्थिक दबाव से कमजोर होने देना या फिर बड़ा सैन्य हमला करना। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव डालने की स्थिति में है, लेकिन सैन्य विकल्प भी खुला हुआ है।
ट्रंप के सामने असली मुश्किल
समस्या सिर्फ ईरान पर दबाव बनाने की नहीं, बल्कि होर्मुज को दोबारा खोलने की है। ईरान इसे बातचीत में बड़े दबाव के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। इससे तेल और वैश्विक समुद्री व्यापार पर सीधा असर पड़ता है।
ईरान की नई रणनीति में आर्थिक दबाव झेलते हुए भी लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने का संकेत मिल रहा है। ऐसे में ट्रंप के सामने सैन्य कार्रवाई का जोखिम है तो दूसरी तरफ लंबी आर्थिक लड़ाई का घरेलू असर भी चुनौती बन सकता है।
यही वजह है कि होर्मुज अब सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि अमेरिका-ईरान शक्ति संघर्ष का सबसे बड़ा दबाव-बिंदु बन चुका है।

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