मधुमेह केवल रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर शरीर के कई अंगों के साथ मुंह और मसूड़ों पर भी पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खराब ओरल हेल्थ और मधुमेह का गहरा संबंध है। यदि मसूड़ों में संक्रमण, सूजन या दांतों की गंभीर समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित रखना कठिन हो जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मधुमेह से पीड़ित लोगों में मसूड़ों के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। वहीं, यदि मसूड़ों की बीमारी का समय पर उपचार नहीं कराया जाए तो यह रक्त में शर्करा के स्तर को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए मधुमेह के मरीजों को नियमित रूप से दांतों और मसूड़ों की जांच करानी चाहिए। स्वस्थ रहने के लिए दिन में दो बार दांत साफ करें, भोजन के बाद कुल्ला करें, मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन न करें और हर छह माह में दंत चिकित्सक से जांच कराएं। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करते रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रक्त में शर्करा का स्तर लंबे समय तक नियंत्रित रहे तो मसूड़ों की बीमारियों का खतरा भी कम होता है। इसलिए मधुमेह और ओरल हेल्थ, दोनों का साथ-साथ ध्यान रखना बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना जाता है।
Boudhik Pratikar <boudhikpratikar@gmail.com>
2:31 PM (1 hour ago)
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क्या बिगड़ी हुई ओरल हेल्थ बढ़ा सकती है शुगर लेवल? जानिए दोनों के बीच का संबंध
मधुमेह केवल रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर शरीर के कई अंगों के साथ मुंह और मसूड़ों पर भी पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खराब ओरल हेल्थ और मधुमेह का गहरा संबंध है। यदि मसूड़ों में संक्रमण, सूजन या दांतों की गंभीर समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित रखना कठिन हो जाता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि मधुमेह से पीड़ित लोगों में मसूड़ों के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। वहीं, यदि मसूड़ों की बीमारी का समय पर उपचार नहीं कराया जाए तो यह रक्त में शर्करा के स्तर को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए मधुमेह के मरीजों को नियमित रूप से दांतों और मसूड़ों की जांच करानी चाहिए।
स्वस्थ रहने के लिए दिन में दो बार दांत साफ करें, भोजन के बाद कुल्ला करें, मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन न करें और हर छह माह में दंत चिकित्सक से जांच कराएं। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करते रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रक्त में शर्करा का स्तर लंबे समय तक नियंत्रित रहे तो मसूड़ों की बीमारियों का खतरा भी कम होता है। इसलिए मधुमेह और ओरल हेल्थ, दोनों का साथ-साथ ध्यान रखना बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना जाता है।

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