थायराइड की समस्या केवल वयस्कों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में भी यह बीमारी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, थायराइड ग्रंथि में गड़बड़ी होने पर बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान बेहद जरूरी है। यदि बच्चे की लंबाई और वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहे हों, पढ़ाई में ध्यान कम लग रहा हो, हर समय थकान महसूस हो, कब्ज की शिकायत बनी रहे, ठंड अधिक लगती हो या गर्दन के सामने सूजन दिखाई दे, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ बच्चों में चिड़चिड़ापन, अत्यधिक सक्रियता या अचानक वजन बढ़ना अथवा घटना भी थायराइड का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर रक्त जांच और चिकित्सकीय सलाह से थायराइड की पहचान की जा सकती है। शुरुआती अवस्था में उपचार शुरू होने पर अधिकांश बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं और उनका विकास भी प्रभावित नहीं होता। यदि परिवार में पहले से थायराइड की बीमारी का इतिहास है या बच्चे में लंबे समय तक ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए बाल रोग विशेषज्ञ या एंडोक्राइन विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय रहते जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।
बच्चों को भी हो सकता है थायराइड, इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
Boudhik Pratikar
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