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यमुना की सफाई को नई रफ्तार: गोबर से बनेगी बायो-गैस, एमसीडी और एनडीडीबी के बीच हुआ समझौता

 


दिल्ली में यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने और जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम (एमसीडी) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए समझौता हुआ है। इस पहल के तहत अब गोबर और जैविक अपशिष्ट का उपयोग स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद बनाने में किया जाएगा।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पहले दिल्ली में उत्पन्न होने वाला गोबर सीधे यमुना में पहुंच जाता था, जिससे नदी का प्रदूषण बढ़ता था। नई व्यवस्था के तहत उसी गोबर का उपयोग सीबीजी और जैविक खाद बनाने में होगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ेगा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को यमुना सफाई अभियान के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे नदी में जैविक अपशिष्ट का प्रवाह घटेगा, स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद उपलब्ध होगी। साथ ही हरित ऊर्जा उत्पादन को भी नई गति मिलेगी

सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल यमुना की सफाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास के क्षेत्र में भी दिल्ली के लिए एक नया मॉडल साबित हो सकती है।

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