नई दिल्ली। मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ संक्रमण, सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
आयुर्वेदिक उपाय
गुनगुना पानी पीने की आदत रखें।
तुलसी, अदरक, दालचीनी और काली मिर्च से बनी हर्बल चाय या काढ़ा सीमित मात्रा में लें।
हल्दी वाला दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
ताजा, गर्म और हल्का भोजन करें तथा बासी और खुले में रखे भोजन से बचें।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले योगासन
भुजंगासन
ताड़ासन
वज्रासन
त्रिकोणासन
प्राणायाम (अनुलोम-विलोम और भ्रामरी)
योग और प्राणायाम नियमित रूप से करने से श्वसन तंत्र को मजबूती मिलती है तथा शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, स्वच्छता और नियमित व्यायाम मानसून के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं।

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