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धर्म का प्रदर्शन हर समय जरूरी नहीं', के. अन्नामलाई ने बताया 'सच्चे हिंदू' का अर्थ

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चेन्नई। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने धर्म और सामाजिक पहचान को लेकर कहा कि सच्चा आचरण केवल बाहरी प्रदर्शन से नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार और मूल्यों से तय होता है। उन्होंने कहा कि हर समय अपने धर्म का प्रदर्शन करना आवश्यक नहीं है।


तमिलनाडु के पोलाची में अपने फाउंडेशन 'वी द लीडर्स' द्वारा आयोजित नशा विरोधी सम्मेलन को संबोधित करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि जब वह घर से बाहर निकलते हैं तो धर्म और जाति की पहचान को पीछे छोड़कर पहले एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक के रूप में काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का सम्मान उसके आदर्शों और आचरण से होता है, न कि केवल सार्वजनिक प्रदर्शन से। समाज में आपसी सद्भाव, जिम्मेदारी और सेवा की भावना को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

अन्नामलाई ने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि व्यक्तिगत आचरण और नैतिक मूल्य ही किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान होते हैं।

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