कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को और सख्त बनाने के उद्देश्य से विधानसभा द्वारा पारित दो नए अपराध-रोधी कानून सोमवार से पूरे राज्य में लागू हो गए हैं। इन कानूनों के तहत संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, वहीं सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में आरोपितों की संपत्ति जब्त कर उसकी नीलामी के जरिए नुकसान की भरपाई भी की जा सकेगी।
नए कानूनों में प्रशासन को संगठित अपराध से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ निवारक निरोध (प्रिवेंटिव डिटेंशन) की भी व्यापक शक्तियां दी गई हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य अपराध और हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, जबकि विपक्ष और कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इन प्रावधानों को लेकर नागरिक अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका जताई है।
राज्य सरकार का दावा है कि इन कानूनों से अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई संभव होगी तथा हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। वहीं राजनीतिक हलकों में इन कानूनों को लेकर बहस तेज हो गई है और इनके प्रभाव को लेकर सभी की नजर अब इनके क्रियान्वयन पर टिकी है।

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