अयोध्या में राम मंदिर दान प्रकरण की जांच के बीच अब एक और नया विवाद सामने आया है। इस बार आरोप राम निवास मंदिर की संपत्ति, मंदिर प्रबंधन और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। शिकायतकर्ता हरिशंकर सफरीवाला, जो स्वयं को राम निवास मंदिर की प्रबंध समिति का सदस्य बताते हैं, ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को शिकायत देकर चंपत राय और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में क्या आरोप हैं?
शिकायत के अनुसार:
राम निवास मंदिर की देवोत्तर संपत्ति का लगभग 5.8 करोड़ रुपये में सौदा किए जाने का आरोप लगाया गया है।
इस प्रक्रिया में 70 लाख रुपये के कथित गबन का दावा किया गया है।
मंदिर परिसर से देवी-देवताओं की मूर्तियां, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के हटाए जाने तथा मंदिर पर अवैध कब्जे का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की एसआईटी से निष्पक्ष जांच और संपत्तियों का सत्यापन कराने की मांग की है।
पहले से भी जांच के घेरे में हैं चंपत राय
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अयोध्या राम मंदिर के दान प्रकरण को लेकर गठित एसआईटी पहले से जांच कर रही है। हाल के दिनों में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, दान प्रबंधन और वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर भी कई सवाल उठे हैं।
चंपत राय का पक
सार्वजनिक रूप से चंपत राय ने कहा है कि वे चल रही एसआईटी जांच पूरी होने तक विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने अपने खुले पत्र में जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपों का जवाब देने की बात कही है।
आगे क्या?
फिलहाल ये आरोप शिकायत के आधार पर लगाए गए हैं। इन आरोपों पर किसी सक्षम न्यायालय या जांच एजेंसी द्वारा अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। यदि एसआईटी इस नई शिकायत को अपनी जांच में शामिल करती है, तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है।

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