रांची में 16 जून को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े बताए जाने वाले संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से कथित संबंधों की जांच सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क की गतिविधियों और इसके संभावित मॉड्यूल की गहन जांच कर रही हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान का नाम पहली बार पंजाब के गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर हमले और अमृतसर में एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) की हत्या के बाद प्रमुखता से सामने आया था। इसके बाद कई राज्यों में इस संगठन से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाई गई
सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि यह संगठन सोशल मीडिया और गुप्त संचार माध्यमों के जरिए युवाओं को प्रभावित करने, स्थानीय मॉड्यूल तैयार करने और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश करता है। जांच में इसके विदेशी नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है।
हालांकि, जांच अभी जारी है और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। रांची हमले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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