घर खरीदने से पहले बस एक क्लिक, खुल जाएगी बिल्डर की पूरी कुंडली; मध्य प्रदेश में नया डिजिटल सिस्टम शुरू
भोपाल। मध्य प्रदेश में प्लॉट और फ्लैट खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की पहल की गई है। अब किसी भी कॉलोनी की वैधता जानने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नए डिजिटल सिस्टम के जरिए नागरिक घर बैठे कुछ ही मिनटों में यह पता कर सकेंगे कि जिस कॉलोनी में वे निवेश करने जा रहे हैं, वह वैध है या अवैध।
इस एकीकृत डिजिटल मंच पर कॉलोनी की वैधता के साथ-साथ रेरा पंजीकरण, नगर एवं ग्राम निवेश की मंजूरी, स्थानीय निकाय की अनुमति और अन्य आवश्यक स्वीकृतियों की जानकारी भी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे फर्जी परियोजनाओं और अवैध कॉलोनियों में निवेश का खतरा काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
प्रदेश में वर्षों से अवैध कॉलोनियों के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले सामने आते रहे हैं। कई परिवारों ने जीवनभर की कमाई ऐसे प्लॉटों में लगा दी, जहां न सड़क मिली, न पानी, न बिजली और न ही कानूनी स्वामित्व। नया डिजिटल सिस्टम ऐसे मामलों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी विभागों का डाटा नियमित रूप से अद्यतन किया गया और जानकारी पूरी तरह पारदर्शी रही, तो रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा और आम नागरिक सुरक्षित निवेश कर सकेंगे।
जनहित सवाल:
क्या अब अवैध कॉलोनियां बसाने वाले बिल्डरों पर भी उतनी ही तेजी से कार्रवाई होगी, जितनी तेजी से उनकी जानकारी ऑनलाइन दिखाई जाएगी?

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