भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों के संबंध अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रक्षा, प्रौद्योगिकी, निवेश, हरित ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था और बहुपक्षीय सहयोग के प्रति समान प्रतिबद्धता रखते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों पक्षों की साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बन गई है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार एवं निवेश समझौतों पर भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दोनों पक्ष निवेश संरक्षण समझौते को वर्ष के अंत तक अंतिम रूप देने को लेकर आशान्वित हैं, जबकि व्यापक व्यापार समझौते की कानूनी समीक्षा भी अंतिम चरण में बताई जा रही है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाएं और तकनीकी क्षमता यूरोपीय कंपनियों के लिए नए अवसर लेकर आई हैं। वहीं यूरोपीय निवेश, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और नवाचार भारत के विकास को नई गति देंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत-यूरोपीय संघ संबंध और अधिक व्यापक तथा मजबूत होंगे।

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