सार्वजनिक परीक्षा कानून में संशोधन की तैयारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट से होगी सुनवाई
नई दिल्ली। परीक्षा पेपर लीक के मामलों पर केंद्र सरकार कानून को और सख्त बनाने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी, ताकि छह माह के भीतर मामलों का निपटारा हो सके। साथ ही दोषियों के लिए सजा और जुर्माने के प्रावधान भी कड़े किए जाएंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम संबंधी कानून में संशोधन के मसौदे पर विचार किया है। प्रस्तावित बदलावों में संगठित पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ अधिक कठोर दंड, त्वरित सुनवाई और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, संगठित तरीके से पेपर लीक में शामिल दोषियों को 10 वर्ष तक के कठोर कारावास और कम से कम ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। कानून का उद्देश्य पेपर लीक माफिया पर आर्थिक और कानूनी दोनों स्तर पर सख्त कार्रवाई करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक अदालतों और कड़ी सजा की घोषणा कर चुके हैं। सरकार का कहना है कि छात्रों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

Post a Comment