Judiciary News: केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देश की विभिन्न हाई कोर्टों में 341 न्यायाधीशों के पद रिक्त हैं। इनमें सबसे अधिक 52 पद इलाहाबाद हाई कोर्ट में खाली हैं। सरकार ने यह भी बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में 12 लाख से अधिक मामले लंबित हैं, जिससे यह देश के सबसे अधिक लंबित मामलों वाले उच्च न्यायालयों में शामिल है।
संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, न्यायपालिका में रिक्त पदों के कारण मामलों के निस्तारण की गति प्रभावित हो रही है। सरकार ने कहा कि हाई कोर्टों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार जारी है और रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम तथा केंद्र सरकार के बीच समन्वय के साथ कार्रवाई की जा रही है।
सरकार के मुताबिक, देशभर के हाई कोर्टों में लाखों मामले लंबित हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट और निचली अदालतों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा होना बाकी है। न्यायिक ढांचे पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति, डिजिटल न्याय प्रणाली और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने सदन में यह भी बताया कि न्यायपालिका में लंबित मामलों की संख्या कम करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए ई-कोर्ट परियोजना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, डिजिटल फाइलिंग और न्यायालयों के आधुनिकीकरण पर लगातार काम किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायाधीशों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने और न्यायिक संसाधनों का विस्तार करने से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सकती है, जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय मिलने में मदद मिलेगी।

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