यरूशलम। इजराइल में 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव होंगे। वर्ष 2023 में हमास के हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान तथा ईरान से जुड़े संघर्षों के बाद यह देश का पहला आम चुनाव होगा। ऐसे में सुरक्षा, युद्ध और राजनीतिक स्थिरता चुनावी बहस के केंद्र में रहेंगे।
विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लोकप्रियता में पहले की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। विपक्ष उन्हें कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है और चुनाव को सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह के रूप में पेश कर रहा है।
इस चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा, अनिवार्य सैन्य भर्ती, न्यायिक सुधार, महंगाई और नेतन्याहू से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि नेतन्याहू एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होते हैं या विपक्ष सत्ता परिवर्तन करने में कामयाब रहता है।
चुनाव आयोग ने मतदान की तैयारियां शुरू कर दी हैं और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने चुनाव अभियान तेज कर दिए हैं।

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