जबलपुर। बहुचर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व आरक्षक की अस्थायी जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले की सुनवाई की एकलपीठ में हुई।
सौरभ शर्मा की ओर से अदालत में 60 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि उनकी पत्नी की जल्द साइनस सर्जरी होने वाली है और परिवार में दो नाबालिग बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11 और 9 वर्ष है। पत्नी के ऑपरेशन और बच्चों की देखभाल के लिए उनकी उपस्थिति आवश्यक बताई गई है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय आधार पर अस्थायी जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पक्षों ने अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रखे।
गौरतलब है कि सौरभ शर्मा पर आरटीओ से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और 100 करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की गई थी। इस मामले ने प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल में भी काफी चर्चा बटोरी थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब सबकी नजर अदालत के फैसले पर टिकी है कि पूर्व आरक्षक को अस्थायी राहत मिलती है या नहीं।

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