रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के वीर सपूत ने अपने साहस और कर्तव्यनिष्ठा से पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और लश्कर-ए-तैयबा के एक खूंखार आतंकी को मार गिराया। उनके इसी अदम्य शौर्य के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया है।
जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान जवान को तीन गोलियां लगी थीं, लेकिन उन्होंने असाधारण साहस का परिचय देते हुए आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने लश्कर के आतंकी को ढेर कर अपने साथियों और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में वीर जवान को शौर्य चक्र प्रदान किया गया। यह सम्मान शांति काल में असाधारण वीरता और साहस दिखाने वाले सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को दिया जाता है।
रीवा सहित पूरे मध्य प्रदेश में इस सम्मान को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है। परिजनों ने कहा कि देश सेवा के लिए उनके बेटे का समर्पण बचपन से ही दिखाई देता था और आज उसकी बहादुरी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वीर जवानों की कहानियां देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती हैं। रीवा के इस लाल की बहादुरी अब देश के वीरता इतिहास का हिस्सा बन गई है।

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