तेज बुखार, संक्रमण और शुगर लेवल गिरने से भी बच्चों में आ सकते हैं दौरे, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
बच्चों में दौरे पड़ने की समस्या को अक्सर मिर्गी () समझ लिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर दौरा मिर्गी की वजह से नहीं होता। कई बार यह अस्थायी शारीरिक समस्याओं का संकेत भी हो सकता है, जिन्हें समय पर पहचानना जरूरी है।
डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों में दौरे के पीछे सबसे आम कारण तेज बुखार (Febrile Seizure) होता है, जो 6 महीने से 5 साल की उम्र के बीच अधिक देखा जाता है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), ब्लड शुगर का अचानक गिरना और गंभीर संक्रमण भी दौरे का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि मस्तिष्क में संक्रमण जैसे मेनिन्जाइटिस या सिर में चोट लगने के बाद भी बच्चों में दौरे की स्थिति पैदा हो सकती है, जो कई बार गंभीर हो सकती है और तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अचानक शरीर का अकड़ना या झटके आना
आंखों का ऊपर की ओर पलटना
कुछ सेकंड से मिनट तक बेहोशी
दौरे के बाद कमजोरी या भ्रम की स्थिति
बार-बार दौरे पड़ना
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर बच्चे को पहली बार दौरा पड़े तो उसे सामान्य समझकर अनदेखा न करें। तुरंत मेडिकल जांच कराना जरूरी है ताकि सही कारण का पता लगाकर उचित इलाज शुरू किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि हर दौरा मिर्गी नहीं होता, लेकिन हर दौरे को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि समय पर इलाज से कई जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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