मेलेनिन की कमी के कारण मिला अनोखा रंग, वन्यजीव विशेषज्ञ भी मान रहे दुर्लभ घटना
इंदौर। इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में एक दुर्लभ सफेद हिरण के शावक का जन्म हुआ है। अपने अनोखे सफेद रंग और गुलाबी आंखों के कारण यह शावक लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के सफेद हिरण बहुत कम देखने को मिलते हैं।
चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि सामान्यतः मादा हिरण का रंग गेहुआं और नर हिरण का रंग गहरा काला होता है, जबकि उनके शावक भी सामान्य रंगत के साथ जन्म लेते हैं। लेकिन इस बार जन्मे शावक का रंग पूरी तरह सफेद है, जो एक दुर्लभ जैविक स्थिति का परिणाम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, शावक के शरीर में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य की कमी होने के कारण उसकी त्वचा और बालों का रंग सफेद दिखाई दे रहा है। इसी वजह से उसकी आंखों का रंग भी गुलाबी नजर आता है। इस स्थिति को आमतौर पर एल्बिनिज्म (Albinism) या रंगद्रव्य की कमी से जुड़ी आनुवंशिक अवस्था से जोड़कर देखा जाता है।
चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, शावक पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी विशेष निगरानी की जा रही है। पशु चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से उसके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है ताकि उसे किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में इस दुर्लभ शावक को देखने को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि यह जन्म न केवल इंदौर बल्कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी एक खास उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दुर्लभ जन्म प्रकृति की जैव विविधता और आनुवंशिक विशेषताओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। सफेद हिरण का यह शावक आने वाले दिनों में चिड़ियाघर का प्रमुख आकर्षण बन सकता है।

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