रक्तदान को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं, जबकि एक बार किया गया रक्तदान कई मरीजों की जिंदगी बचाने में मदद कर सकता है
भारत में हर साल लाखों मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन जागरूकता की कमी और गलत धारणाओं के कारण पर्याप्त मात्रा में रक्तदान नहीं हो पाता। कई लोग यह सोचकर रक्तदान से बचते हैं कि इससे शरीर कमजोर हो जाएगा या स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। जबकि चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इसका किसी की जान बचाने में बड़ा योगदान हो सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि रक्तदान के दौरान ली गई एक यूनिट रक्त को सीधे किसी एक मरीज को नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि उसे अलग-अलग घटकों में विभाजित किया जाता है। यही वजह है कि एक यूनिट रक्त तीन अलग-अलग लोगों की जान बचाने में सहायक बन सकता है।
कैसे बचती हैं तीन लोगों की जान
डॉक्टरों के अनुसार रक्त को मुख्य रूप से तीन प्रमुख घटकों में बांटा जाता है—
1. रेड ब्लड सेल्स (RBC)
यह रक्त का वह हिस्सा है जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। दुर्घटना, सर्जरी, एनीमिया या अत्यधिक रक्तस्राव वाले मरीजों को इसकी जरूरत पड़ती है।
2. प्लाज्मा
प्लाज्मा रक्त का तरल भाग होता है, जिसमें प्रोटीन और अन्य जरूरी तत्व मौजूद रहते हैं। गंभीर जलन, लिवर रोग या रक्त के थक्के बनने से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है।
3. प्लेटलेट्स
प्लेटलेट्स रक्तस्राव रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डेंगू, कैंसर उपचार या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अक्सर प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है।
इस तरह एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान अलग-अलग मरीजों की जरूरतों के अनुसार उपयोग में लाया जा सकता है।
रक्तदान को लेकर फैली गलतफहमियां
विशेषज्ञों का कहना है कि रक्तदान के बाद शरीर कुछ ही समय में खोए हुए तरल पदार्थ की भरपाई कर लेता है। सामान्यतः स्वस्थ वयस्क व्यक्ति हर तीन से चार महीने में सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से न तो स्थायी कमजोरी आती है और न ही शरीर में रक्त की कमी हो जाती है।
कौन कर सकता है रक्तदान?
18 से 65 वर्ष तक का स्वस्थ व्यक्ति
न्यूनतम निर्धारित वजन रखने वाला व्यक्ति
गंभीर बीमारी या संक्रमण से मुक्त व्यक्ति
डॉक्टर द्वारा फिट घोषित व्यक्ति
रक्तदान से पहले और बाद में रखें ध्यान
पर्याप्त नींद लें।
रक्तदान से पहले हल्का भोजन करें।
पानी भरपूर मात्रा में पिएं।
रक्तदान के बाद कुछ समय आराम करें।
भारी व्यायाम या वजन उठाने से कुछ घंटों तक बचें।
रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के लिए जीवनदान भी हो सकता है। एक यूनिट रक्त को अलग-अलग घटकों में विभाजित कर तीन मरीजों के उपचार में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए यदि आप स्वस्थ हैं और पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो नियमित रक्तदान कर कई जिंदगियों में उम्मीद की नई किरण जगा सकते हैं।

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