नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री Bhupender Yadav ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशवासियों से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति से प्रेरणा लेते रहने का संकल्प दोहराने का आग्रह किया।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रकृति केवल संसाधनों का स्रोत नहीं, बल्कि मानव जीवन और विकास की आधारशिला है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और प्रदूषण जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने देशवासियों से जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी और हरित जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से प्रकृति संरक्षण अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के माध्यम से देश एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ेगा।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंत्री ने नागरिकों से यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएंगे।

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