सेंसेक्स-निफ्टी की मजबूती से भारत का बाजार पूंजीकरण बढ़ा, विदेशी निवेश और मजबूत अर्थव्यवस्था का मिला फायदा
बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर दुनिया के शीर्ष-5 शेयर बाजारों में अपनी जगह बना ली है। बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के लिहाज से भारत ने ताइवान और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक रैंकिंग में वापसी की है। इसकी बड़ी वजह भारतीय बाजार में लगातार निवेश, मजबूत आर्थिक संकेतक और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन को माना जा रहा है।
जून महीने में डॉलर के मुकाबले सेंसेक्स में 3.8 प्रतिशत और निफ्टी में 2.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, व्यापक बाजार भी मजबूत रहा। बीएसई मिडकैप-150 में 1.3 प्रतिशत और बीएसई स्मॉलकैप-250 में 4.4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इससे भारतीय कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगातार बढ़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत घरेलू निवेश, विदेशी निवेशकों की वापसी, कॉरपोरेट आय में सुधार और भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज विकास दर ने बाजार को नई ऊंचाई दी है। वहीं, ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में वैश्विक अनिश्चितताओं और तकनीकी शेयरों में कमजोरी का असर देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आर्थिक सुधार और निवेश का मौजूदा रुझान जारी रहा, तो भारत वैश्विक पूंजी बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

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