Supreme Court of India ने अदालतों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई है। शीर्ष अदालत ने Bar Council of India से कहा है कि वह एक विशेषज्ञ समिति गठित करे, जिसमें इस क्षेत्र के जानकार शामिल हों और अदालत की कार्यवाही में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जुड़े जोखिमों और चुनौतियों की जांच की जाए।
यह मामला तब सामने आया जब एक निचली अदालत ने मुकदमे के दौरान ऐसे निर्णयों पर भरोसा कर लिया, जिनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था। इस घटना ने न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्यायमूर्ति P. S. Narasimha और न्यायमूर्ति Alok Aradhe की पीठ ने कहा कि गठित समिति विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत को सौंपे। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की यह पहल इस बात का संकेत है कि न्यायिक व्यवस्था में नई तकनीक के इस्तेमाल को लेकर सावधानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

Post a Comment