Indore News : इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई में अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा पर एक महिला नर्सिंग ऑफिसर ने मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस में भी की गई है। शिकायत सामने आने के बाद संस्थान में हड़कंप मच गया है।
पीड़ित नर्सिंग ऑफिसर का आरोप है कि डॉ. डीके शर्मा लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि जब उन्होंने अपने साथ हो रहे व्यवहार का विरोध किया तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि अधीक्षक ने उनके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “तुम आदिवासी हो, जंगल में रहने लायक हो, तुम्हें नौकरी खैरात में मिली है।”
शिकायत के अनुसार, विवाद छुट्टियों और प्रशासनिक मामलों को लेकर शुरू हुआ। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2015 में बीमारी के दौरान उन्होंने मेडिकल लीव ली थी, लेकिन डॉ. शर्मा ने छुट्टियां स्वीकृत नहीं कीं और उन्हें लगातार परेशान किया जाता रहा। इस मामले की शिकायत 181 हेल्पलाइन पर भी की गई थी। महिला अधिकारी का कहना है कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. शर्मा द्वारा कई बार सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और नौकरी से निकालने की धमकियां भी दी गईं। मामले को लेकर आदिवासी समाज और कर्मचारी संगठनों में भी नाराजगी देखी जा रही है। समर्थकों के साथ पीड़िता थाने पहुंची और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
वहीं, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई के अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि संबंधित नर्सिंग ऑफिसर ने पिछले तीन वर्षों में लगभग 250 छुट्टियां ली हैं, जिनमें से कई स्वीकृत सीमा से अधिक थीं। उनके मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन द्वारा केवल प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी, जिसे गलत तरीके से प्रताड़ना का रूप दिया जा रहा है।
मामले में एएसपी निशिथ उपाध्याय ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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