Bhopal ग्रामीण में पदस्थ रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक Rajesh Singh Chandel समेत चार पुलिसकर्मियों पर जबरन वसूली, धमकी और झूठे मामलों में फंसाने के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अदालत के आदेश के बाद दर्ज हुए इस मामले ने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला ग्वालियर के घाटीपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि समझौते के नाम पर पहले लाखों रुपये लिए गए और बाद में लगातार और रकम मांगने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि थाने बुलाकर डराया-धमकाया गया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
शिकायत में तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ यादव, एसआई अजय सिंह सिकरवार और आरक्षक संतोष वर्मा के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि शिकायतकर्ता से पहले 5.80 लाख रुपये लिए गए और बाद में 25 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।
पीड़ित का दावा है कि जब उसने तत्कालीन एसपी राजेश सिंह चंदेल से शिकायत की, तब कार्रवाई के बजाय मामला फिर उसी थाने को भेज दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को दूसरे मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया।
मामले में सीसीटीवी फुटेज हटाए जाने का आरोप भी सामने आया है। अदालत में पुलिस की ओर से कहा गया कि संबंधित अवधि का फुटेज उपलब्ध नहीं है। इस पर अदालत ने सख्त नाराजगी जताई। बाद की जांच में रिकॉर्ड नष्ट होने की बात भी सामने आई।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कानून की रक्षा करने वाले ही वसूली और धमकी के आरोपों में घिर जाएं, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद आखिर किससे करे?

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