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दिल्ली की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी वर्क फ्रॉम होम की मांग तेज, CM मोहन यादव को भेजा गया प्रस्तावMajor GST action in Uttarakhand, raid on tyre warehouse; tax evasion worth Rs 10 crore detected

 


भोपाल ।बौद्धिक प्रतिकार

बढ़ती गर्मी, ट्रैफिक जाम और ईंधन संकट के बीच सप्ताह में दो दिन घर से काम कराने की उठी मांग

मध्यप्रदेश में भी अब दिल्ली की तर्ज पर वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी, ट्रैफिक जाम, खराब सड़कों और ईंधन संकट को देखते हुए सरकारी और निजी संस्थानों में सप्ताह में दो दिन घर से काम (Work From Home) की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री Mohan Yadav को भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक सामाजिक संगठनों और कुछ कर्मचारी समूहों की ओर से यह मांग उठाई गई है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी और लंबी दूरी तय कर कार्यालय पहुंचने से कर्मचारियों की सेहत और कार्यक्षमता दोनों प्रभावित हो रही हैं। साथ ही ट्रैफिक दबाव और पेट्रोल-डीजल की खपत भी लगातार बढ़ रही है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाता है, तो इससे ट्रैफिक जाम कम होगा, प्रदूषण घटेगा और ईंधन की बचत भी होगी। इसके अलावा कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक राहत मिलने की बात भी कही गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना काल के दौरान वर्क फ्रॉम होम मॉडल कई क्षेत्रों में सफल साबित हुआ था। आईटी, निजी कंपनियों और कुछ प्रशासनिक कार्यों में आज भी यह व्यवस्था प्रभावी मानी जाती है।

हालांकि अभी राज्य सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन बढ़ती गर्मी और शहरी समस्याओं को देखते हुए इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि सरकार इस दिशा में कदम उठाती है, तो इससे प्रदेश के बड़े शहरों खासकर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

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