जयपुर। राजस्थान के चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया। सुबह करीब 5 बजे एसीबी की टीम जयपुर स्थित उनके आवास पहुंची, जहां कई घंटे तक पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके बाद एसीबी टीम उन्हें अपने मुख्यालय लेकर पहुंची, जहां लंबी पूछताछ का दौर चला।
सूत्रों के अनुसार जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइपलाइन और पेयजल परियोजनाओं के लिए जारी किए गए टेंडरों में भारी अनियमितता सामने आई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किए गए और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर करीब 900 करोड़ रुपये के टेंडर मंजूर कर दिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कई कंपनियां तकनीकी योग्यता पूरी नहीं करती थीं, फिर भी उन्हें करोड़ों के काम दे दिए गए।
एसीबी की प्रारंभिक जांच में विभागीय अधिकारियों, इंजीनियरों, ठेकेदारों और निजी कंपनियों की मिलीभगत की बात सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नियमों में हेरफेर किया गया और चयन प्रक्रिया को मनमाने तरीके से संचालित किया गया। इसी आधार पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप दर्ज किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि एसीबी की प्राथमिकी में पूर्व मंत्री महेश जोशी के साथ विभाग के 21 वरिष्ठ अधिकारियों और कई निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसी अब बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
इस मामले में एसीबी पहले भी बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। पूर्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता समेत कई अधिकारियों और कारोबारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर कार्रवाई हो सकती है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस गिरफ्तारी के बाद हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे कांग्रेस सरकार के समय हुए बड़े भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
महेश जोशी इससे पहले भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। वे करीब सात महीने तक जेल में रहे थे और फिलहाल जमानत पर बाहर थे। अब जेजेएम घोटाले में गिरफ्तारी के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। राजस्थान में इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर किए गए थे। लेकिन अब इसी योजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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